The Hindu ePaper - Daily News Analysis 09 February-2019 - KKUPSC - IAS IPS Preparation

The Hindu ePaper - Daily News Analysis 09 February-2019

The Hindu ePaper Daily News Analysis
The Hindu ePaper Daily News Analysis
Print Friendly, PDF & Email

KKUPSC Daily Current Affairs, 09 February  2019


Prelims Special

Women’s Global Development and Prosperity Initiative :-

राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प की बेटी और उनकी वरिष्ठ परामर्शी इवांका ट्रम्प ने एक कार्यक्रम तैयार किया है जिसका उद्देश्य विकासशील देशों की 50 मिलियन महिलाओं को अगले छ: वर्ष (2025) तक आर्थिक रूप से आगे बढ़ाने का कार्य किया जाएगा.

Kerala to get country’s 2nd longest rail tunnel :-

  • केरल के विजिंगजम अंतर्राष्ट्रीय बहु-उद्देश्यीय गहन जल बंदरगाह को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने के लिए एक 7 किमी. लम्बी रेल लाइन और एक 9.02 किलोमीटर की सुरंग बनाई जा रही है.
  • कोंकण रेलवे निगम लिमिटेड द्वारा बनने वाली यह सुरंग देश की दूसरी सबसे लम्बी रेल-सुरंग होगी.
  • विदित हो कि भारत में सबसे बड़ी ऐसी सुरंग पीर-पंजाल रेल सुरंग (जम्मू-कश्मीर) है जिसकी लम्बाई 26 किलोमीटर है.

LAIRCM Self-Protection Suites :-

  • विशाल वायुयानों को मानव द्वारा ढोई जाने योग्य मिसाइलों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए अमेरिका भारत को दो लार्ज एयरक्राफ्ट इन्फ्रारेड काउंटरमेजर्स (LAIRCM) और सेल्फ-प्रोटेक्शन सुइट (SPS) दे रहा है जिसका मूल्य 190 मिलियन डॉलर है.
  • ये प्रणालियाँ भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमन्त्री के प्रयोग में आने वाले दो बोइंग 777 विमानों में लगाए जाएँगे. ज्ञातव्य है कि ये प्रणालियाँ अमेरिकी राष्ट्रपति के विमान एयरफोर्स – 1 में लगी होती हैं. अतः भारत के इन दो विमानों की सुरक्षा का स्तर वही होगा जो अमेरिकी राष्ट्रपति के विमान के लिए होता है.

Dard Aryans :-

  • हाल ही में नई दिल्ली में एक सेमीनार आयोजित हुआ जिसमें दरद आर्यों की विरासत को संरक्षित करने की आवश्यकता पर विचार-विमर्श हुआ.
  • ज्ञातव्य है कि दरद समुदाय एक बौद्ध समुदाय है जो लेह से 200 किमी. की दूरी पर कुछ गावों में रहते हैं. इन गाँवों को आर्य घाटी कहा जाता है. इनके नाम हैं – धा, हनु, गर्कोने और डार्चिक. ये गाँव सिन्धु नदी के दोनों ओर के तटों पर बसे हैं.


GS Paper 2  Source: The Hindu ePaper
The Hindu epaper KKUPSC

Topic : Macedonia signs accord to join NATO

    संदर्भ
  • मेसीडोनिया ने हाल ही में NATO में शामिल होने के लिए कागज़ात पर हस्ताक्षर कर दिए हैं.
  • अभी इसे पूरी सदस्यता नहीं मिली है जिसके लिए NATO के सभी 29 सदस्यों का अनुमोदन लेना होगा.
  • वर्तमान के लिए मेसीडोनिया नाटो की मंत्रिस्तरीय बैठकों में एक आमंत्रित सदस्य के रूप में बैठ सकता है.
    रूस की चिंता
  • रूस ने मेसीडोनिया के नाटो का सदस्य होने पर अपनी चिंता प्रकट की है. उसका सदा आरोप रहा है कि मेसीडोनिया और मोंटेनेग्रो को नाटो में शामिल कर बाल्कन क्षेत्र को अस्थिर किया जा रहा है.
  • रूस बाल्कन क्षेत्र के देशों को अपने प्रभाव-क्षेत्र के अन्दर मानता है और नहीं चाहता है कि नाटो या और कोई इन देशों में हस्तक्षेप करे.
  • रूस की बड़ी चिंता यह है कि नाटो का सदस्य बनने के बाद किसी भी देश को पारस्परिक रक्षा की गारंटी मिल जाती है और उस देश के विरुद्ध कोई आक्रमण होने पर एक प्रकार से बीमा प्राप्त हो जाती है.
    नाटो क्या है?
  • नाटो का पूरा नाम North Atlantic Treaty Organization है अर्थात् उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन है.
  • यह एक अन्तर-सरकारी सैन्य संघ है.
  • इस संधि पर 4 अप्रैल, 1949 को हस्ताक्षर हुए थे.
  • इसका मुख्यालय बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में है.
  • नाटो का सैन्य मुख्यालय बेल्जियम में ही मोंस नामक शहर में है.
  • यह सामूहिक सुरक्षा की एक प्रणाली है जिसमें सभी सदस्य देश इस बात के लिए तैयार होते हैं यदि किसी एक देश पर बाहरी आक्रमण होता है तो उसका प्रतिरोध वे सभी सामूहिक रूप से करेंगे.
    नाटो के उद्देश्य
  • राजनैतिक :- नाटो प्रजातांत्रिक मान्यताओं को बढ़ावा देता है. यह सुरक्षा और सैन्य मामलों के समाधान के लिए आपसी सहयोग और परामर्श का एक मंच प्रदान करता है.
  • सैन्य :- नाटो विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्ध है. यदि किसी विवाद के निपटारे के लिए कूटनीतिक प्रयास विफल होते हैं तो यह अपनी सैन्य का प्रयोग कर कार्रवाई कर सकता है. नाटो की मूल संधि – वाशिंगटन संधि की धारा 5 के प्रावधान के अनुसार ऐसी स्थिति में नाटो के सभी देश मिलकर सैनिक कार्रवाई करते हैं.


GS Paper 2  Source: The Hindu ePaper
The Hindu epaper KKUPSC

Topic : Unlawful Activities (Prevention) Act (UAPA)

    संदर्भ
  • भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने तहरीक-उल-मुजाहदीन (TuM) नामक संगठन को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के अंतर्गत प्रतिबंधित कर दिया है क्योंकि वह आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा था और युवाओं को कट्टरता का पाठ पढ़ाते हुए भारत में आतंकवादी गतिविधियों के लिए उनकी बहाली कर रहा था.
  • तहरीक-उल-मुजाहदीन की स्थापना 1990 के दशक में हुई थी. इसका दावा है कि यह कश्मीर की मुक्ति के लिए लड़ रहा है.
    गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम
  • यह कानून भारत में गैरकानूनी कार्य करने वाले संगठनों की कारगर रोकथाम के लिए बनाया गया था.
  • इसका मुख्य उद्देश्य देश विरोधी गतिविधियों के लिए कानूनी शक्ति का प्रयोग करना है.
  • इस अधिनियम के अनुसार यदि कोई राष्ट्रद्रोही आन्दोलन का समर्थन करता है अथवा किसी विदेशी देश द्वारा किये गये भारत के क्षेत्र पर दावे का समर्थन करता है तो वह अपराध माना जाएगा.
  • UAPA 1967 में पारित हुआ था. बाद में यह पहले 2008 में और फिर 2012 में संशोधित हुआ था.
    अधिनियम के कुछ विवादित प्रावधान
  • इसमें आतंकवाद की जो परिभाषा दी गई है वह उतनी स्पष्ट नहीं है. इसलिए अहिंसक राजनैतिक गतिविधियाँ और राजनैतिक विरोध भी आतंकवाद की परिभाषा के अन्दर आ जाता है.
  • यदि सरकार किसी संगठन को आतंकवादी बताते हुए उस पर प्रतिबंध लगा देती है तो ऐसे संगठन का सदस्य होना ही एक आपराधिक कृत्य हो जाता है.
  • इस अधिनियम के अनुसार किसी को भी बिना आरोप-पत्र के 180 दिन बंदी बनाया जा सकता है और 30 दिनों की पुलिस कस्टडी ली जा सकती है.
  • इसमें जमानत मिलने में कठिनाई होती है और अग्रिम जमानत का तो प्रश्न ही नहीं उठता.
  • इसमें मात्र साक्ष्य के बल पर किसी अपराध को आतंकवादी अपराध मान लिया जाता है.
  • इस अधिनियम के अन्दर विशेष न्यायालय बनाए जाते हैं जिनको बंद करने में सुनवाई करने का अधिकार होता है और जो गुप्त गवाहों का उपयोग भी कर सकते हैं.



GS Paper 2  Source: PIB
pib_logo_KKUPSC

Topic : Motion of thanks to President’s Address

    संदर्भ
  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने हाल ही लोकसभा में राष्‍ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्‍ताव पेश किया. इस अवसर पर उन्‍होंने महत्‍वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा करने के लिए सदन के सदस्‍यों को धन्‍यवाद दिया.
  • राष्‍ट्रपति का अभिभाषण
  • भारत के संविधान में राष्ट्रपति द्वारा संसद के किसी एक सदन में या एक साथ समवेत दोनों सदनों में अभिभाषण करने का प्रावधान है.
  • राष्ट्रपति द्वारा संसद में अभिभाषण का यह प्रावधान भारत शासन अधिनियम, 1919 के अंतर्गत वर्ष 1921 में पहली बार स्थापित किये गए केन्द्रीय विधानमंडल के समय से चला आ रहा है.
    राष्ट्रपति निम्नलिखित दो स्थितियों में संसद के सदनों में अलग अलग या एक साथ समवेत दोनों सदनों के समक्ष अभिभाषण कर सकते हैं :–
  • अनुच्छेद 86(1) के अनुसार राष्ट्रपति संसद के किसी एक सदन में या एक साथ समवेत दोनों सदनों में अभिभाषण कर सकते हैं.
  • अनुच्छेद 87(1) के अनुसार राष्ट्रपति, लोक सभा के लिए प्रत्येक साधारण निर्वाचन के बाद प्रथम सत्र के आरम्भ में तथा प्रत्येक वर्ष के प्रथम सत्र के आरम्भ में एक साथ समवेत दोनों सदनों में अभिभाषण करेंगे और संसद को सत्र के आह्वान के कारण बताएंगे.
  • अभिभाषण में सरकार की नीति का विवरण होता है. इसलिए अभिभाषण का प्रारूप भी सरकार द्वारा ही तैयार किया जाता है.
  • इसमें पिछले वर्ष के सरकार के कार्य-कलापों और उपलब्धियों की समीक्षा होती है और महत्वपूर्ण आन्तरिक और उपस्थित अंतर्राष्ट्रीय समस्याओं के सम्बन्ध में सरकार द्वारा अपनायी जाने वाली नीतियों का निरूपण होता है.
  • इसमें उन विधायी कार्यों की मुख्य मदों का भी उल्लेख होता है जिन्हें उस वर्ष के दौरान होने वाले सत्रों में संसद में लाने का विचार होता है.
  • राष्ट्रपति द्वारा दिए गए अभिभाषण को सदन की कार्यवाही का अंग बनाने तथा उसमे शामिल करने के लिए दोनों सदन अभिभाषण की समाप्ति के बाद अपनी-अपनी बैठकें करती हैं और राष्ट्रपति के द्वारा दिए गए अभिभाषण की सत्यापित प्रतियों को सभा के पटल पर रखा जाता है.
  • उसके बाद धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाता है और राष्ट्रपति के अभिभाषण में निर्दिष्ट विषयों पर चर्चा की जाती है.
  • कोई भी सदस्‍य राष्‍ट्रपति के अभि‍भाषण पर प्रश्‍न नहीं उठा सकता है.
  • कि‍सी सदस्‍य का कोई भी कार्य, जि‍ससे अवसर की शालीनता भंग होती है अथवा जि‍ससे कोई बाधा उत्‍पन्‍न हो, उस सभा द्वारा दंडनीय होता है जि‍सका वह सदस्‍य है. कि‍सी सदस्‍य द्वारा प्रस्‍तुत तथा अन्‍य सदस्‍य द्वारा अनुमोदि‍त धन्‍यवाद-प्रस्‍ताव पर राष्‍ट्रपति के अभि‍भाषण में नि‍र्दिष्‍ट वि‍षयों पर चर्चा की जाती है.
  • राष्‍ट्रपति के अभि‍भाषण पर चर्चा की वि‍स्‍तृति बहुत व्‍यापक होती है और संपूर्ण प्रशासन के कार्यकरण पर चर्चा की जा सकती है.
  • इस संबंध में अन्‍य बातों के साथ-साथ सीमाएँ यह है कि सदस्‍यों को एक तो उन मामलों का उल्‍लेख नहीं करना चाहि‍ए जिनके लि‍ए भारत सरकार प्रत्‍यक्षत: उत्तरदायी नहीं है और दूसरा यह कि वह वाद-वि‍वाद के दौरान राष्‍ट्रपति का नाम नहीं ले सकते क्‍योंकि अभि‍भाषण की वि‍षय-वस्‍तु के लि‍ए सरकार उत्तरदायी होती है, न कि राष्‍ट्रपति.
    धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा की सीमा
  • इसके सम्बन्ध में एकमात्र प्रतिबन्ध यह है की एक तो सदस्य उन मामलों का उल्लेख नहीं कर सकते जिनके लिए केंद्र सरकार प्रत्यक्षत: उत्तरदायी नहीं है
  • दूसरा यह कि वे वाद-विवाद के दौरान राष्ट्रपति का नाम नहीं ले सकते क्योंकि अभिभाषण की विषय-वस्तु के लिए सरकार उत्तरदायी होती है, न कि राष्ट्रपति.
    धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा और उसकी विषय-वस्तु
  • धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा सदन द्वारा स्वयं या कार्यमंत्रणा समिति की सिफारिश पर आवंटित 3 या 4 दिन होती है.
  • आबंटित समय का बंटवारा विभिन्न दलों तथा गुटों के लिए सदन में उनकी संख्या के अनुपात में किया जाता है.
  • चर्चा के लिए नियत दिनों में सदन अभिभाषण में निर्दिष्ट विषयों पर सुविधानुसार चर्चा कर सकती है.
  • अभिभाषण पर चर्चा बहुत व्यापक होती है और सदस्य राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय सभी प्रकार की समस्याओं पर बोल सकते हैं.
  • जिन मामलों का उल्लेख अभिभाषण में विशिष्ट रूप से नहीं होता है, उन पर भी धन्यवाद प्रस्ताव में संशोधनों के माध्यम से चर्चा की जाती है.
  • धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा प्रधानमंत्री या किसी अन्य मंत्री द्वारा उत्तर दिए जाने पर समाप्त हो जाती है. इसके बाद उसके संशोधनों को निपटाया जाता है और धन्यवाद प्रस्ताव मतदान के लिए रखा जाता है तथा स्वीकृत किया जाता है.
  • धन्यवाद प्रस्ताव स्वीकृत किये जाने के बाद उसकी सूचना अध्यक्ष द्वारा एक पत्र के जरिये सीधे राष्ट्रपति को दी जाती है.



GS Paper 2  Source: PIB
pib_logo

Topic : Ujjwala Utsav

    संदर्भ
  • हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित उज्ज्वला उत्सव में जम्मू व कश्मीर, छत्तीसगढ़ और असम राज्यों में काम करने वाली तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों को पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने पुरस्कृत किया.
  • विदित हो कि जम्मू व कश्मीर, छत्तीसगढ़ और असम देश के तीन ऐसे राज्य हैं जहाँ पीएम उज्ज्वला योजना को सर्वाधिक सफलता से लागू किया गया है.
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार ठोस इंधन के प्रयोग से भारत में 13% मृत्यु होती है और लगभग 40% फेफड़ों की बीमारी की जड़ में यही है. 30% मोतियाबिंद और 20% स्केमिक हृदय रोग, फेफड़ा कैंसर और फेफड़ा संक्रमण ठोस इंधन के चलते होता है.
    उज्ज्वला योजना
  • प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) का शुभारम्भ डॉ. बी.आर.अम्बेडकर की जयंती पर तेलंगाना राज्य में किया गया.
  • प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लक्ष्य गरीब परिवारों तक एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) कनेक्शन पहुँचाना है.
  • इस योजना के अंतर्गत सामाजिक-आर्थिक-जाति-जनगणना (SECC) के माध्यम से पहचान किये गए गरीबी रेखा के नीचे आने वाले परिवारों की वयस्क महिला सदस्य को केंद्र सरकार द्वारा प्रति कनेक्शन 1600 रुपये की वित्तीय सहायता के साथ जमा-मुक्त एलपीजी कनेक्शन दिया जाता है.
  • यह योजना पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा लागू की जा रही है.
    PMUY के फायदे
  • शुद्ध ईंधन के प्रयोग से महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार
  • अशुद्ध जीवाश्‍म ईंधन के प्रयोग न करने से वातावरण में कम प्रदूषण
  • खाने पर धुएं के असर से मृत्‍यु में कमी
  • छोटे बच्‍चों में स्‍वास्‍थ्‍य समस्या से छुटकारा


GS Paper 2 Source: PIB
pib_logo

Topic : River Information System

    संदर्भ
  • केन्द्रीय जहाजरानी, सड़क परिवहन और राजमार्ग, जल संसाधन, नदी विकास तथा गंगा संरक्षण मंत्री श्री नितिन गडकरी ने हाल ही में प्रयागराज में राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (गंगा नदी) पर 410 किलोमीटर लंबे फरक्का-पटना मार्ग के बीच नदी सूचना प्रणाली के दूसरे चरण का उद्घाटन किया.
  • वे इस अवसर पर फरक्का में नेवीगेशन लॉक का शुभारंभ किया गया, जिससे गंगा में हिल्सा मछलियों के प्रजनन और नदी पारिस्थितिकी प्रणाली को संरक्षित करने में मदद मिलेगी.
    नदी सूचना प्रणाली
  • नदी सूचना प्रणाली को लागू करने का उत्तरदायित्व भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) को दिया गया है जो कि जहाजरानी मंत्रालय के अधीनस्थ एक वैधानिक निकाय है.
  • यह एक प्रकार की जहाज यातायात प्रबंधन प्रणाली है, जिसमें अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जाता है.
  • इससे मार्ग पर चलने वाले जहाजों और नदी किनारे बने आधार स्टेशनों के बीच इलेक्ट्रॉनिक डाटा का तेज गति से आदान-प्रदान हो पाता है.
  • इसकी मदद से जहाजों के बीच टक्कर, जहाज और पुल के टकराने की घटनाओं को रोकने तथा जल परिवहन से जुड़ी सभी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलती है.
  • यह प्रणाली यूरोप, चीन और अमरीका जैसे देशों में उन्नत जल परिवहन के लिए इस्तेमाल की जाती है.
    भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI)
  • भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) एक वैधानिक प्राधिकरण है जो 27 अक्टूबर, 1986 में अस्तित्व में आया था. यह भारत में जलमार्ग का काम देखता है.
  • इसका मुख्यालय उत्तर प्रदेश के Noida शहर में स्थित है.
  • यह जलमार्गों में आवश्यक निर्माण कार्य करता है तथा साथ ही नई परियोजनाएँ आर्थिक रूप से हाँथ में लेने लायक हैं या नहीं इसकी जाँच करता है.



💡Medieval India By Pratiyogita Darpan 📖 Extra Issue 🎖 English - PDF new_gif_blinking


💡 Vision IAS सामयिकी December 2018 PDF, Click here to downloadnew_gif_blinking


💡 @Marine_iguana(2 times UPSC Prelim Qualified), UPSC Prelim Strategy 🎖 2019new_gif_blinking


💡 Dhyeya IAS - International Relation Class Notes - Hindi - Part 1 - PDF, Click here to download
new_gif_blinking


💡 04 February - 10 February weekly schedule 📅 for Mains Prepation new_gif_blinking


💡 UPSC Mains Answer Writing Practice 🎖 2019new_gif_blinking


💡 KKUPSC Current Affairs Daily (English Edition) new_gif_blinking


💡 The Hindu ePaper - Daily News Analysis (Hindi Edition) new_gif_blinking




The Hindu ePaper - Daily News Analysis 09 February-2019 The Hindu ePaper - Daily News Analysis 09 February-2019 Reviewed by KKUPSC on Saturday, February 09, 2019 Rating: 5
Powered by Blogger.